मेरे विचार से किसी गीत के अच्छा होने के लिए अच्छी कविता के साथ अच्छे गायन का संगम होना आवश्यक है। मुझे संगीत की समझ बस इतनी है कि जो मेरे मन को अच्छा लगे वाही अच्छा संगीत है। इस लिए अच्छे संगीत की पहचान मैं कान से करता हूँ दिमाग से नहीं। संभवत आनंद का सृजन ही हर कला का मूल उद्देश्य भी है।ठुमरी सुनाने का अपना एक अलग आनंद है। लीजिए निर्मला देवी की आवाज़ के यह खुबसूरत ठुमरी आप भी सुनिए -