Friday, January 1, 2010

शुभकामनाएं....



सभी दोस्तों को नव वर्ष मंगलमय हो। आज इसी शुभकामना के साथ लगभग आधे वर्ष के अंतराल के बाद फिर आप सब से मुखातिब हूँ। इस अनुपस्थिति के लिए ह्रदय से क्षमाप्रार्थी हूँ। बहाना वही पुराना- रोजगार के ग़म। खैर यह तो आप भी जानते हैं कि यह बस बहाना है......

इस अवधि में यद्यपि ब्लॉग जगत में आना कम हुआ पर जब भी आना हुआ कुछ नया लेकर गया, कुछ ताजादम हो कर गया। खैर अब नियमित होने की कोशिश करूगा। अगर काम ने मोहलत दी और आलस ने नहीं दबोचा।

भाई सिद्धेश्वर जी का बहुत बहुत आभार । इस लम्बी अनुपस्थिति में आत्मीयता से याद करने के लिए। आप जैसे मित्र मिलना मेरी ब्लागिंग की उपलब्धि है।

इस दौरान पड़ना लिखना कम हुआ पर सुना काफी कुछ। जिस एक ग़ज़ल को बार बार बहुत सुना उसे आप सब को भी सुनवाता हूँ................ एक बार फिर उस्ताद मेहंदी हसन साहब...... क्या गायकी है ... मैं तो बस अभिभूत हूँ............



एक बार फिर सभी दोस्तों को सपरिवार नए वर्ष की मंगल कामनाये।

8 comments:

Suman said...

आपको और आपके परिवार को नव वर्ष मंगलमय हो!

हिमांशु । Himanshu said...

आपको भी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें ।
मेंहदी हसन के अप्रतिम स्वर की प्रस्तुति का आभार !

sidheshwer said...

ग़ज़ल तो सुनी ही आपके अपनत्व को भी हृदय से अनुभव किया।

The Gregarious Loner . . . said...

आपको भी नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं, ये वर्ष आपके और आपके परिवार क लिए मंगलमय हो . . .

Devendra said...

अच्छी गज़ल सुनाई आपने
नववर्ष मंगलमय हो।

Ashok Pande said...

वो हवाख़्वाह-ए-चमन हूं कि चमन में हर सुभ
पहले मैं जाता था और बाद-ए-सबा मेरे बाद

... क्या बात है सिंह साब! बहुत दिनों बाद तशरीफ़ लाए.

नया साल और सुरीला हो सब के लिए. आमीन!

श्रद्धा जैन said...

आपको भी नव वर्ष की हार्दिक शुभकामना

vaibhav awasthi said...

Bahut hi Behatreen gazal....

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